
गया। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बांकेबाजार थाना के थानाध्यक्ष पु.अ.नि. मंटु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उन पर एक पीड़ित व्यक्ति के वाहन को अवैध रूप से थाना परिसर में रखने, विधिसम्मत कार्रवाई नहीं करने तथा वाहन छोड़ने के एवज में विरोधी पक्ष को पैसे दिलाने के लिए अनुचित दबाव बनाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 को भवन निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार अमरेंद्र पाठक ने पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र विकास वैभव के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि हिसाब-किताब के सिलसिले में बांकेबाजार आए थे, जहां स्थानीय लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी टाटा सफारी गाड़ी छीन ली। इसके बाद उन्हें जबरन थाना लाया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष उनके आवेदन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और विरोधी पक्ष के पक्ष में काम करते हुए उन पर भारी रकम देने का दबाव बना रहे हैं। साथ ही जबरन सुलह-समझौता कराने की कोशिश की जा रही है।
शिकायत मिलते ही आईजी विकास वैभव ने थानाध्यक्ष को विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लेकिन बाद में शिकायतकर्ता ने दोबारा फोन कर बताया कि उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है और उन पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद आईजी ने तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक, गया को मामले की जानकारी देकर वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने का निर्देश दिया।
4 जून 2026 को अमरेंद्र पाठक ने आईजी कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन भी दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की तथा उनकी गाड़ी छोड़ने के लिए 4 लाख रुपये का चेक लाने को कहा। साथ ही उनसे और उनके पिता से जबरन समझौते के कागजात पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शेरघाटी-1 द्वारा कराई गई। जांच में आरोपों को सही पाया गया। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायतकर्ता के वाहन को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और जप्ती सूची के थाना परिसर में रखा गया था। साथ ही वाहन छोड़ने के लिए 4 लाख रुपये के चेक से जुड़े समझौते का दबाव बनाने की बात भी सामने आई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी विकास वैभव ने माना कि थानाध्यक्ष को निष्पक्ष और कानूनसम्मत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने एक पक्ष के प्रभाव में आकर दूसरे पक्ष पर अनुचित दबाव बनाया। इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण मानते हुए थानाध्यक्ष मंटु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की चर्चा जोर-शोर से हो रही है।












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