SC/ST एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ने, कर्तव्य में लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में शेरघाटी थानाध्यक्ष व चौकीदार निलंबित।

गया, संवाददाता। गया पुलिस में अनुशासनहीनता और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शेरघाटी थाना के थानाध्यक्ष मोहन कुमार एवं चौकीदार देवेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (शेरघाटी-1) ने थाना क्षेत्र की आवेदिका पूनम कुमारी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान आवेदिका द्वारा लगाए गए आरोपों की गहराई से पड़ताल की गई, जिसमें कई गंभीर तथ्य सामने आए।

SC/ST एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ने का आरोप

जांच में पाया गया कि शेरघाटी थाना में दर्ज एक मामले में मृतका दिव्या कुमारी की मृत्यु से पूर्व दर्ज कराए गए कांड की जांच के दौरान थानाध्यक्ष मोहन कुमार को यह जानकारी थी कि पीड़िता अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से संबंधित है। इसके बावजूद उन्होंने मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं का समावेश नहीं किया। जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि इस चूक के कारण अभियुक्त पक्ष को न्यायालय से जमानत का लाभ मिल गया, जिसे गंभीर प्रशासनिक और अनुसंधान संबंधी लापरवाही माना गया।

चौकीदार पर आवेदिका से दुर्व्यवहार और मिलीभगत का आरोप

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जांच में चौकीदार देवेंद्र कश्यप की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। जांच के अनुसार, आवेदिका द्वारा दिए गए आवेदन पर कोई प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय चौकीदार ने उसे डांट-फटकार कर वापस भेज दिया। इसके अलावा अभियुक्त राहुल कुमार के साथ चौकीदार की मिलीभगत होने तथा मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने की बात भी जांच में सामने आई।

ब्लैकमेलिंग और रंगदारी की बात भी आई सामने

जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस घटना के संबंध में कुछ पत्रकारों द्वारा ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने की बातें सामने आईं। आरोप है कि चौकीदार इस दबाव का शिकार हुआ और उसने कुछ राशि भी दी। पुलिस ने इन तथ्यों का भी संज्ञान लिया है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पत्रकारों के विरुद्ध किसी अलग कानूनी कार्रवाई की जानकारी आदेश में नहीं दी गई है।

26 जून की शिकायत जांच में सही पाई गई

पुलिस के अनुसार, आवेदिका द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शेरघाटी को दिए गए आवेदन में यह आरोप लगाया गया था कि 26 जून 2026 को शेरघाटी थाना जाने पर चौकीदार देवेंद्र कश्यप ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। जांच के दौरान यह आरोप सही प्रतीत हुआ।

एसएसपी ने तत्काल किया निलंबित

जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीर मानते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, गया ने थानाध्यक्ष मोहन कुमार एवं चौकीदार देवेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। साथ ही, दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करते हुए निर्धारित अवधि के भीतर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।