बुनियादी सुविधाओं को तरसा मोरहे, सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने सौंपे आवेदन

शेड,पईन और बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने लगाई गुहार

सहयोग शिविर में करीब 30 आवेदन मिले, अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण की तैयारी

संवाददाता, फतेहपुर। मोरहे पंचायत के मोरहे गांव की बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में अधिकारियों को आवेदन सौंपकर समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने करीब 10 वर्ष पुराने महादलित शेड का प्लास्टर कराने, पईन को अतिक्रमण मुक्त कराने, गांव में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और कृषि कार्य के लिए पहले से लगाए गए ट्रांसफार्मर को चालू कराने की मांग की।

ग्रामीण पंकज कुमार ने कल्याण पदाधिकारी को दिए आवेदन में बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व विकास मित्र नारायण मंडल के माध्यम से गांव में महादलित शेड का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद से अब तक शेड का प्लास्टर नहीं कराया गया है। शेड का इस्तेमाल सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। प्लास्टर नहीं होने से भवन की स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द शेड का प्लास्टर कराने की मांग की है।

इधर, विकास कुमार ने अंचलाधिकारी को आवेदन देकर गांव के पईन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। आवेदन के अनुसार पईन की जमीन पर कई लोगों द्वारा घर बनाकर अतिक्रमण किए जाने से पानी के बहाव में परेशानी हो रही है। जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्थल जांच कराकर पईन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।

अधिक लोड से बार-बार जल रहा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर

बिजली समस्या को लेकर विकास कुमार ने सब-डिविजनल ऑफिसर, वजीरगंज को आवेदन दिया। इसमें बताया गया है कि गांव में 63 केवीए का एक ट्रांसफार्मर लगा है। अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है। आबादी बढ़ने के कारण ग्रामीणों ने अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार कृषि कार्य के लिए करीब दो वर्ष पहले ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल लगाए गए थे, लेकिन अब तक बिजली के तार नहीं लगाए गए हैं। इस कारण कृषि कार्य के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने कृषि ट्रांसफार्मर को जल्द चालू कराने की भी मांग की है।

करीब 30 आवेदन मिले

सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित करीब 30 आवेदन प्राप्त हुए। हालांकि, शिविर में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड पीएचईडी पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का प्रस्ताव प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से किया गया है।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि शिविर में दिए गए आवेदनों पर संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई करेंगे और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा।