
खिजरसराय के स्थानीय उत्क्रमित उच्च बालिका विद्यालय में 18 से 25 जुलाई तक आयोजित बाल श्रम, मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी एवं बाल विवाह उन्मूलन जागरूकता सप्ताह का समापन शनिवार को किया गया। समापन समारोह में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) केशव आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा का महत्व बताते हुए सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में एसडीएम केशव आनंद ने कहा कि “संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो इसी विद्यालय से पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भविष्य में आईएएस, आईपीएस तथा अन्य उच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंच सकते हैं।” उन्होंने छात्राओं से शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए आत्मनिर्भर बनने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं वक्ताओं ने कहा कि इन कुरीतियों के उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया।
समारोह में सीडीपीओ मोना, कवच परियोजना के प्रखंड समन्वयक गौतम कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य परमाणु कुमार, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में जागरूकता सप्ताह के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ निरंतर जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।
खिजरसराय संवाददाता:-दीपक सिंह













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