राष्ट्रीय लोक अदालत में 5,399 मामलों का निष्पादन, 28 करोड़ से अधिक की समझौता राशि

गया। वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार, 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय गया एवं शेरघाटी न्यायालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया राजेश सिंह एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश सिंह ने कहा कि लोक अदालत ऐसा माध्यम है, जिसमें दोनों पक्षों की जीत होती है। आपसी समझौते के माध्यम से विवाद का समाधान होने से दोनों पक्षों के बीच सद्भावना बनी रहती है और लोग अपने-अपने घर खुशी-खुशी लौटते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में गठित विभिन्न बेंचों में कार्यरत पैनल अधिवक्ताओं के सहयोग की सराहना करते हुए उन्हें विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए गया में 26 तथा शेरघाटी में 5 सहित कुल 31 बेंच गठित किए गए थे। इन बेंचों में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ पैनल अधिवक्ताओं ने मामलों की सुनवाई करते हुए आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन कराया।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5,399 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में बिजली विभाग से संबंधित 1,801 मामले, आपराधिक समझौता योग्य 2,211 मामले, मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित 96 मामले, बैंक के 808 मामले, चेक बाउंस के 6 मामले, ट्रैफिक चालान के 468 मामले तथा बीएसएनएल के 6 मामले शामिल रहे। इसके अलावा वैवाहिक मामलों का भी निष्पादन किया गया।

विभिन्न मामलों में बड़ी राशि का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। बिजली से संबंधित मामलों में करीब 7.21 करोड़ रुपये, मोटर वाहन दुर्घटना के मामलों में करीब 9.79 करोड़ रुपये, बैंक से संबंधित मामलों में करीब 11.05 करोड़ रुपये, चेक बाउंस मामलों में 3,87,910 रुपये तथा ट्रैफिक चालान के मामलों में 12,86,500 रुपये की समझौता राशि दर्ज की गई। बीएसएनएल से संबंधित मामलों में 8,881 रुपये की समझौता राशि रही।

31 बेंचों में हुई सुनवाई

गया व्यवहार न्यायालय में गठित बेंचों में राजेश सिंह, संजय कुमार, रंजीता कुमारी, राजेश पांडेय, प्रतिज्ञा व्यास, राजेश मोहन, कुमार कार्तिकेय साही, विपिन लावण्या, रंजीत कुमार, प्रकाश कुमार राय, विभूतिभूषण, रिचा रंजन, अंजलि नाग, सुशांत सागर, सौम्या, वर्षा कुमारी, सरोज कुमार, प्रभात कुमार चौधरी, सुनील कुमार वर्मा, सलोनी कुमारी, निशांत रंजन, नेहा, शिखा प्रिया, सौरभ कुमार, कुमार विक्रम आदित्य एवं मिनरल आर्यन न्यायिक पदाधिकारी के रूप में शामिल रहे। इनके साथ संबंधित पैनल अधिवक्ताओं ने मामलों के निष्पादन में सहयोग किया।

वहीं, शेरघाटी में गठित पांच बेंचों में राजेश कुमार सिंह, प्रीति कुमारी, आलोक कुमार, अहसन राशिद एवं मनोज कुमार न्यायिक पदाधिकारी के रूप में उपस्थित रहे। इन बेंचों में भी पैनल अधिवक्ताओं ने पक्षकारों के बीच समझौता कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारी प्रतुल कुमार, विकास कुमार, हारून रसीद, उदय कुमार, दीपक कुमार सिन्हा, अनिल कुमार, रितिक कुमार, रंजीत कुमार, अजय कुमार, विकास कुमार सहित पारा लीगल वॉलिंटियर मनोज कुमार, रोहित कुमार, हीरालाल, जुल्फिकार अंसारी, परमानंद सिंह, संतन कुमार, संजय चौधरी एवं संतोष कुमार उपस्थित रहे।