
गया। किलकारी बिहार बाल भवन, गया में रविवार को अभिभावक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समर कैंप-2026 की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी सत्र के लिए नए नामांकन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने अपने सुझाव साझा किए और किलकारी द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत अभिभावकों का तिलक-चंदन लगाकर स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद किलकारी द्वारा निर्मित तीन लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से संस्थान में संचालित शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों, नामांकन प्रक्रिया, संस्थान के नियमों तथा बच्चों के समग्र विकास में किलकारी की भूमिका की विस्तार से जानकारी दी।
बैठक के दौरान अभिभावकों के सवालों का जवाब देते हुए आकाश कुमार ने बताया कि किलकारी बिहार बाल भवन, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की एक प्रमुख संस्था है, जहां बच्चों को विभिन्न विधाओं में पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि नामांकन के लिए केवल दो रंगीन फोटो, जन्म प्रमाण पत्र अथवा आधार कार्ड की छायाप्रति और मात्र 10 रुपये का नामांकन शुल्क लिया जाता है। इसके बाद पूरे वर्ष बच्चों को विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि किलकारी बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच है। उन्होंने बच्चों के समग्र विकास में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संस्थान बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुरूप उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशिष्ट और प्रतिभाशाली होता है। अभिभावकों को बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उनकी रुचि और क्षमता को पहचानने तथा उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बच्चों को अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलता है, तब वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
बैठक के दौरान अभिभावकों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। प्रतिभा कुमारी ने लोक संगीत प्रशिक्षण शुरू करने, जबकि विनय कुमार ने हारमोनियम और तबला प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का सुझाव रखा। किलकारी प्रबंधन ने इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए भविष्य में अभिभावकों के लिए भी प्रशिक्षण कक्षाएं शुरू करने का आश्वासन दिया।
अभिभावकों ने समर कैंप-2026 की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बच्चों में आए आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक विकास की सराहना की तथा अधिक से अधिक बच्चों को किलकारी से जोड़ने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन “संडे का फंडा” के अंतर्गत बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसे उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने खूब सराहा। इस अवसर पर नामांकन प्रभारी कल्पना सिंह, लाइब्रेरी संचालक चांदना मुखर्जी, कंप्यूटर प्रशिक्षक निशि खान सहित किलकारी बिहार बाल भवन, गया के सभी प्रशिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।













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