
संवाददाता, खिजरसराय:- दीपक सिंह
महकार थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी लालसा देवी (पति–शैलेश कुमार) की खिजरसराय स्थित दुर्गा हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने और बाद में इलाज के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल के डॉक्टर और संचालक अस्पताल बंद कर मौके से फरार हो गए। बाद में परिजनों ने शव के साथ गया–पटना मुख्य मार्ग पर फतेहपुर के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि वे सबसे पहले महिला को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां मौजूद एक आशा कार्यकर्ता ने उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा दिलाते हुए खिजरसराय स्थित निजी दुर्गा हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजनों का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक रेफरल के मरीज को निजी अस्पताल भेज दिया गया।
मृतका के पति शैलेश कुमार ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल में लापरवाहीपूर्वक ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उनकी पत्नी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने पहले गया और फिर पटना रेफर कर दिया। पटना में इलाज के दौरान लालसा देवी की मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन शव लेकर दुर्गा हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर उचित उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। प्रदर्शन के दौरान गया–पटना मुख्य मार्ग कुछ समय के लिए बाधित रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
घटना के बाद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने का खेल लंबे समय से चल रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित निजी अस्पताल के लाइसेंस, उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं तथा संचालन की भी जांच कराने की मांग की है।
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि परिजनों के आवेदन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस मामले में दुर्गा हॉस्पिटल प्रबंधन का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका। अस्पताल संचालक एवं संबंधित चिकित्सकों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों तथा लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।













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