
खिजरसराय प्रखंड के चिरैली गांव की होनहार बेटी चंद्रमणि कुमारी ने नीट परीक्षा में 607 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 3443 हासिल की है। अपनी सफलता के पीछे उन्होंने नियमित पढ़ाई, सेल्फ स्टडी और निरंतर अभ्यास को सबसे बड़ा कारण बताया।
चंद्रमणि ने बताया कि वह प्रतिदिन लगभग 7 घंटे पढ़ाई करती थीं। कोटा स्थित एलन संस्थान में कोचिंग के साथ-साथ उन्होंने घर पर सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान दिया। उनका कहना है कि केवल कोचिंग पर निर्भर रहने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि स्वयं पढ़कर विषयों को गहराई से समझना जरूरी होता है।
उन्होंने बताया कि कठिन विषयों को बार-बार दोहराना, पुराने प्रश्नपत्र हल करना और अपनी गलतियों का विश्लेषण करना उनकी तैयारी का मुख्य हिस्सा था। तीसरे प्रयास में मिली सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और सही रणनीति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
चंद्रमणि ने अन्य छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए नियमित पढ़ाई, सेल्फ स्टडी, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अगर विद्यार्थी रोजाना ईमानदारी से पढ़ाई करें और अपनी कमजोरियों पर काम करें, तो सफलता निश्चित रूप से मिल सकती है।उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और चंद्रमणि अब क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।












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