प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का आह्वान।

टनकुप्पा प्रखंड के सेंटर आफ एक्सीलेंस मायापुर में शुक्रवार को मिट्टी बचाओ अभियान का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिंहा ने किसानों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गतिविधियां प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती हैं। जिसके कारण भूमि की प्राकृतिक उर्वरता एवं दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता में कमी आती है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से खेती की लागत बढ़ने के साथ साथ सतही एवं भूजल प्रदूषण जैसी पर्यावरणीय समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता बन गई है। सरकार नवंबर 2024 से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के माध्यम से किसानों को रासायनिक कृषि पर निर्भरता कम करने। मृदा स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए प्रेरित कर रही है।
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों के लिए एक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प है। इससे उत्पादन लागत घटती है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा कृषि क्षेत्र में पारिस्थितिक संतुलन की पुनर्स्थापना संभव हो पाती है।
उन्होंने किसानों और जनप्रतिनिधियों से स्वेच्छा से अपनी कम से कम एक चौथाई कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर सतत कृषि उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है और किसानों की आजीविका को भी मजबूत बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ता एवं किसानों ने मंत्री को फूल का बुके और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। मौके पर ईक्रीसैट के संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक डा. श्यामदेव पासवान, जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह, बीएओ शोमेश्वर मेहता, विनोद सिंह, संजय सिंह, सियाराम सिंह, कृष्णा सिंह, दिलीप यादव, महेंद्र दास, उमेश दास सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं किसान सहित अन्य उपस्थित रहे।