22 अक्टूबर को शत-प्रतिशत स्कूलों में भोजन नहीं बनने पर 27 जिलों के अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण, दो दिनों में देना होगा जवाब।

पटना। बिहार में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के संचालन में लापरवाही को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। 22 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का संचालन सुनिश्चित नहीं होने पर विभाग ने नाराजगी जताई है। इस मामले में सुपौल, अरवल, रोहतास, सारण, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना और गया समेत 27 जिलों के संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया गया। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्टूबर को राज्य के केवल 85 प्रतिशत विद्यालयों में ही मध्याह्न भोजन का संचालन हुआ। जबकि विभाग की ओर से सभी विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
दो दिनों के भीतर देना होगा जवाब
निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का संचालन नहीं होने पर निदेशालय ने संबंधित जिलों के अधिकारियों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी और कार्य के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पात्र बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत पात्र बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। ऐसे में योजना का नियमित संचालन सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना जवाब देना होगा।













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