
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले एक गंभीर मामले में एसपी विनय तिवारी ने बड़ी कार्रवाई की है। जादोपुर थाना क्षेत्र में कथित तौर पर निर्दोष लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने और पैसे लेकर छोड़ने के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन जादोपुर थानाध्यक्ष अनिल राम, चालक राकेश कुमार, चौकीदार महंथ कुमार यादव और कथित बिचौलिया राजू यादव शामिल हैं।
36 घंटे तक हिरासत में रखने का आरोप
मामले के अनुसार, कुछ लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखने और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप है। आरोप है कि रिहाई के बदले अलग-अलग किस्तों में 50 हजार, 75 हजार और 55 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली की गई।
शिकायत मिलते ही एसपी ने गठित की टीम
पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी को शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मामले में जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई है।
एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और कानून के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
चारों गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।













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