
गया/फतेहपुर। गया जिले के फतेहपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय सलैया खुर्द में मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण योजना) में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी खाद्यान्न और राशि गबन करने के आरोप सही पाए जाने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना, गया ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका स्वेता कुमारी से 42,949.64 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार विभागीय पोर्टल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को मिली शिकायत के बाद 22 अप्रैल 2026 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विद्यालय का पोषाहार पंजी अद्यतन नहीं पाया गया और रिकॉर्ड में करीब 480 किलोग्राम चावल का अंतर मिला।
निरीक्षण टीम ने पाया कि विद्यालय के पंजी में 135 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 60 छात्र ही मौजूद मिले। यानी 75 छात्रों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कराई गई थी। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि पिछले छह दिनों के औसत लाभुक छात्रों की संख्या और निरीक्षण के दिन की वास्तविक उपस्थिति में 10 प्रतिशत से अधिक का अंतर था।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के अनुसार फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी खाद्यान्न और राशि गबन करने वालों के खिलाफ राशि वसूली की कार्रवाई की जाएगी। मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को असंतोषजनक माना गया। इसके बाद विभाग ने 28,984.50 रुपये परिवर्तन मूल्य और 13,965.14 रुपये खाद्यान्न मूल्य सहित कुल 42,949.64 रुपये की वसूली का आदेश दिया।
विभाग ने निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के भीतर उक्त राशि बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना, गया के खाते में जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित शिक्षिका के वेतन अथवा मानदेय से प्रत्येक माह 20 प्रतिशत कटौती कर राशि की वसूली की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े स्कूलों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग अब अन्य विद्यालयों के रिकॉर्ड की भी जांच कराने की तैयारी में जुटा है।












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