गया में ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जोर

युवा शक्ति प्राकृतिक खेती से जुड़े, महिला किसान कृषि उद्यमी बनकर बढ़ाएं आर्थिक समृद्धि : विजय कुमार सिन्हा।

गया जी। जिले में गुरुवार को ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की खुशहाली एवं समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की अपील की।

कृषि मंत्री ने कहा कि ‘खेत बचाओ-जीवन बचाओ’ के संकल्प के साथ शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक करना, खेतों की उर्वरता में सुधार लाना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना तथा मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि धरती माता सुरक्षित रहेगी, तभी अन्नदाता समृद्ध होंगे। प्राकृतिक संसाधनों के साथ सामंजस्य बनाकर खेती करना ही टिकाऊ कृषि का आधार है।

उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक और असंतुलित इस्तेमाल से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। इसका असर कृषि उत्पादन, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करना समय की जरूरत है।

कृषि मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाने के साथ-साथ इसके प्रति लोगों को जागरूक करने में भी अपनी भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा अपनी नई सोच और नवाचार के माध्यम से कृषि को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और लाभकारी बना सकते हैं।


वहीं, महिला किसानों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कृषि उद्यमी के रूप में भी अपनी पहचान बनानी चाहिए। कृषि आधारित स्वरोजगार, खाद्य प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और विपणन से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधायक ज्योति देवी, रोमित कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर खेतों की सेहत, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे न केवल वर्तमान किसानों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।