महकार में जन्मदिन मनाने पहुंचे जीतन राम मांझी, पुरखों को याद कर छलके आंसू

संवाददाता, खिजरसराय दीपक सिंह:-महकार (गया)। अतरी विधानसभा क्षेत्र के महकार गांव में शनिवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। अपने पैतृक गांव पहुंचे मांझी के जन्मदिन के अवसर पर पौधारोपण समेत कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान अपने पुरखों और गांव से जुड़ी पुरानी यादों को साझा करते हुए जीतन राम मांझी भावुक हो गए। पुरखों को याद करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल भी भावुक हो गया। इस दौरान लोगों ने उनके गांव और पुरखों से जुड़े भावनात्मक लगाव को महसूस किया।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बिहार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कानून-व्यवस्था, शराबबंदी तथा बिहार के विकास कार्यों से जुड़े सवालों का उन्होंने जवाब दिया।

यूसीसी पर बोले—देशहित के नजरिए से समझने की जरूरत।

समान नागरिक संहिता को लेकर मांझी ने कहा कि इसे देशहित और राष्ट्रीय हित के नजरिए से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यूसीसी को लेकर लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

एसआईआर को बताया जरूरी प्रक्रिया।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सवाल पर मांझी ने कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन जरूरी है। इसका उद्देश्य किसी भारतीय नागरिक का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग मतदान के पात्र हैं, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनका नाम भी प्रक्रिया के तहत जोड़ा जाना चाहिए।उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में गलत दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में शामिल गैर-भारतीय लोगों की पहचान किए जाने की जरूरत भी बताई।

कानून-व्यवस्था पर कहा—अपराध का समर्थन नहीं किया जा सकता।

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर मांझी ने कहा कि अपराध चाहे कहीं भी हो, उसका समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को भी देखा जाना चाहिए।

मांझी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था में कई बदलाव देखे हैं। उन्होंने अपराधियों पर हो रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सरकार के साथ आम लोगों और राजनीतिक दलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

जब्त शराब के उपयोग पर दिया सुझाव।

शराबबंदी के दौरान जब्त शराब के निस्तारण के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि नियम और तकनीकी व्यवस्था इसकी अनुमति देती है, तो हर बार शराब को नष्ट करने के बजाय उसके दूसरे उपयोग पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने जब्त शराब से सैनिटाइजर जैसे उत्पाद तैयार करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि यदि संभव हो तो बेकार होने वाली सामग्री का उपयोग जनहित में किया जा सकता है।

केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे विकास कार्य : मांझी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। बारिश और आपदा से प्रभावित लोगों तक भी सहायता पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और बेहतर व्यवस्था के लिए सरकार के साथ समाज और राजनीतिक दलों को भी सहयोग करना होगा।महकार में जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का अपने पैतृक गांव, पुरखों और पुरानी स्मृतियों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी देखने को मिला।