खेतों की सेहत सुधारने पर जोर किसानों को वर्मी कंपोस्ट अपनाने की सलाह

:- फतेहपुर-टनकुप्पा में किसान गोष्ठी आयोजित, खरीफ फसल के प्रबंधन के साथ रबी की खेती की तैयारियों पर हुई चर्चा

फतेहपुर (गया)। खरीफ फसल की कटाई के बीच किसानों को खेतों के बेहतर प्रबंधन और आगामी रबी मौसम की तैयारी को लेकर कृषि विभाग ने जागरूक किया। शनिवार को फतेहपुर एवं टनकुप्पा प्रखंड के किसान भवन सभागार में शारदीय खरीफ किसान गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें फसल प्रबंधन, रोग-कीट नियंत्रण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति और रबी फसलों की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि खरीफ फसल में कटाई से पहले फसलों की नियमित निगरानी करें। रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से ही आवश्यक उपचार करें। फसल कटाई के बाद अवशेषों का उचित प्रबंधन करने तथा खेत में जैविक खाद के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

वर्मी कंपोस्ट से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने पर जोर
गोष्ठी में बीएओ ने किसानों को वर्मी कंपोस्ट का अधिक से अधिक प्रयोग करने की सलाह दी। बताया गया कि जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता और खेती की लागत को नियंत्रित करने में भी सहायता मिल सकती है है।

गेहूं, चना और मसूर की तैयारी पर चर्चा…..

आगामी रबी मौसम में गेहूं, चना, मसूर, सरसों समेत अन्य फसलों की खेती की तैयारी पर भी जानकारी दी गई। किसानों को समय पर खेत तैयार करने, उन्नत बीज का चयन, बीजोपचार, उचित समय पर बुआई और संतुलित मात्रा में उर्वरक के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। मौसम और खेत की स्थिति के अनुसार कृषि तकनीक अपनाने की अपील की गई।कार्यक्रम में आत्मा के उप परियोजना निदेशक नीरज कुमार वर्मा, बीस सूत्री अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, सीता चौधरी, राजेंद्र सिंह राजू, राजेश कुमार, तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार तथा जीविका के एसईडब्ल्यू, वीआरपी और एमआरपी सहित फतेहपुर एवं टनकुप्पा प्रखंड के सैकड़ों किसान और दीदियां शामिल हुईं।