योग और मेडिटेशन से बढ़ेगी एकाग्रता, पढ़ाई होगी आसान: आयुष्मान गौतम

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के लिए योग और मेडिटेशन किसी वरदान से कम नहीं है। फतेहपुर में शनिवार को सीपीआर स्कूल में आयोजित योग एवं मेडिटेशन सत्र में योग शिक्षक आयुष्मान गौतम ने छात्रों को बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्राणायाम, श्वास अभ्यास और ध्यान की सरल विधियों का अभ्यास कराया गया। आयुष्मान गौतम ने कहा कि जब छात्र अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो नर्वस सिस्टम शांत होता है, तनाव और घबराहट कम होती है तथा मन वर्तमान में स्थिर रहता है। इसका सीधा लाभ पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल, सोशल मीडिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण बच्चों का ध्यान आसानी से भटक जाता है। ऐसे में प्रतिदिन केवल 10 से 15 मिनट योग और मेडिटेशन करने से एकाग्रता, रचनात्मक सोच और मानसिक संतुलन में उल्लेखनीय सुधार होता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और विचारों के बीच संतुलन स्थापित करने वाली वैज्ञानिक जीवनशैली है।

इस अवसर पर सीपीआर स्कूल के आचार्य सह निदेशक राकेश कुमार सिंहा (टुन्नी सर) ने भी विद्यार्थियों को योग और ध्यान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास विकसित करता है, जो जीवन में सफलता की मजबूत नींव है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने प्रतिदिन योग एवं मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे सत्र आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहकर बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।