ओवरलोड वाहनों की जांच में अनियमितता,आमस थानाध्यक्ष धनंजय कुमार निलंबित।

आईजी विकास वैभव के निर्देश पर हुई जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही, विभागीय कार्रवाई का आदेश।

गया। आमस थाना क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों की जांच और कार्रवाई में कथित अनियमितता बरतना थानाध्यक्ष को महंगा पड़ गया। मामले की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने आमस थानाध्यक्ष पु०नि०-सह-थानाध्यक्ष धनंजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी आदेश दिया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, मगध क्षेत्र, गया की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आमस थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के समीप 19 सितंबर 2026 को ओवरलोड वाहनों की जांच की गई थी। इस दौरान कई वाहनों को पकड़े जाने के बावजूद उनके विरुद्ध नियमानुसार सत्यापन एवं विधिसम्मत कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई थी। आरोप था कि कुछ वाहनों को बिना समुचित कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, गया के स्तर से जांच कराई गई। जांच के दौरान उपलब्ध ऑडियो-वीडियो फुटेज, फोटो, स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों तथा संबंधित पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन की जांच की गई। जांच में आमस थाना के चौकीदार रवि कुमार तथा तत्कालीन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई।

जांच में यह भी सामने आया कि ओवरलोड वाहनों को पकड़े जाने के बावजूद नियमानुसार कार्रवाई नहीं किए जाने से वाहन मालिकों को अनुचित लाभ पहुंचने की स्थिति बनी। जांच प्रतिवेदन में इसे पुलिस संगठन की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनविश्वास को प्रभावित करने वाला गंभीर कृत्य माना गया।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आमस थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के समीप 19 सितंबर की रात करीब दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच कुल नौ ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया था। इनमें कोयला लदे वाहन भी शामिल थे। हालांकि, वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई नहीं किए जाने की बात जांच में सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने धनंजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कर्तव्यहीनता अथवा अनुचित आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।