
बारिश से बचने के लिए पेड़ और गुफा के पास छिपे थे लोग, चार घायल मगध मेडिकल रेफर।
पर्यटन स्थल गुरपा पर्वत की चोटी पर शनिवार दोपहर करीब दो बजे तेज बारिश के बीच हुए वज्रपात से अफरातफरी मच गई। बारिश से बचने के लिए महिला, पुरुष और बच्चे पेड़ तथा पहाड़ की खोह (छोटी गुफा) के आसपास छिपे थे। इसी दौरान गुफा के समीप जोरदार वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आकर करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए। घटना में एक युवक की मौत हो गई। घायलों में श्रावण मेला में ड्यूटी पर तैनात दो पीटीसी गया के जवान विपिन कुमार और लाल बहादुर पासवान भी शामिल हैं। संयोग अच्छा रहा कि घटना के बाद भगदड़ की स्थिति नहीं बनी।

वज्रपात के बाद पहाड़ की चोटी पर कुछ देर के लिए चीख-पुकार मच गई। घायल दर्द से कराहते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही पहाड़ पर ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मियों ने लोगों को संभाला और तत्काल बीडीओ व स्थानीय थाना को सूचना दी। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
सूचना मिलते ही फतेहपुर बीडीओ शशि भूषण साहू और गुरपा थानाध्यक्ष शिवनंदन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल के पास पहुंचे। बीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर को घटना की सूचना देकर तत्काल एंबुलेंस भेजने का निर्देश दिया। चिकित्सा पदाधिकारी और डीपीएम नीलेश कुमार ने टनकुप्पा एवं वजीरगंज से एंबुलेंस मंगवाकर गुरपा भेजी।
कंधे पर उठाकर घायलों को पहाड़ से उतारा।
वज्रपात के बाद पहाड़ पर मौजूद स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। कई घायलों को दो-चार लोग मिलकर कंधे पर उठाकर पहाड़ की चोटी से नीचे लेकर आए। नीचे पहुंचते ही घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर भेजा जाने लगा। एंबुलेंस के अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों को उतारकर तत्काल उपचार शुरू कर दिया।
शाम करीब तीन बजे से सीएचसी फतेहपुर घायलों से भर गया। कोई पैर में वज्रपात के असर से परेशान था तो किसी का पैर झुलस गया था। किसी के सिर में चोट लगी थी तो कोई वज्रपात के झटके से कांप रहा था। कुछ घायलों को बेहोशी की हालत में भी अस्पताल लाया गया। करीब 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 55 वर्ष तक के लोग घायल हुए।
चार घायल मगध मेडिकल रेफर
सीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी डा. अशोक कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम घायलों के इलाज में जुटी रही। एएनएम, जीएनएम समेत लगभग सभी उपलब्ध स्वास्थ्यकर्मी उपचार में लगाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों की स्थिति को देखते हुए विशेष चिकित्सा के लिए मगध मेडिकल कालेज एवं अस्पताल, गया रेफर किया गया।
रूपा कुमारी (16) का पैर झुलस गया था तथा हाथ-पैर की हड्डी में चोट लगी थी। उसे प्राथमिक उपचार के बाद गया रेफर किया गया। वहीं सुरेश मांझी (45), संजय पासवान (22) और शुभम कुमार (22) को भी बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल भेजा गया। अन्य घायलों की स्थिति सामान्य रहने पर उपचार के बाद उन्हें स्वजनों के साथ घर भेज दिया गया।
रक्षाबंधन पर स्वजन के घर आए थे कई लोग।
घायलों में अधिकांश स्थानीय लोग हैं। वहीं कुछ लोग रक्षाबंधन के अवसर पर अपने स्वजनों के घर आए थे। स्वजन उन्हें गुरपा पर्वत घुमाने के लिए लेकर गए थे। इसी दौरान दोपहर में तेज बारिश शुरू हो गई और लोग पानी से बचने के लिए पेड़ तथा पहाड़ की खोह के पास चले गए। इसी दौरान वज्रपात होने से बड़ी संख्या में लोग उसकी चपेट में आ गए।
ये हुए घायल
अभय कुमार (10), रविरंजन कुमार (10), प्रिया कुमार (18) और नीरू देवी (45), सभी गुरपा; आकाश कुमार (12), आदित्य कुमार (18), खुशी कुमारी (16) और पप्पू कुमार, सभी सिरदल्ला; रीता कुमारी (17), वारसलीगंज; संजय पासवान (22) और प्रिंस कुमार (18), भारे; शुभम कुमार (22), काटी; शंभू मालाकार (55), लोधवे; सुरेश मांझी (45), जमुआवा, वजीरगंज; रूपा कुमारी (16), पिंडरी; राकेश मांझी (22), नगमा सहित अन्य लोग घायल हुए।
घटना के बाद गुरपा क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना रहा। लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय बड़ी संख्या में लोग पहाड़ पर मौजूद थे, लेकिन संयोग से भगदड़ नहीं मची, जिससे स्थिति और भयावह होने से बच गई।













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