अवैध धनराशि मांगने के आरोप में खिजरसराय के दरोगा तेजनारायण चौबे निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने की कार्रवाई, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई

संवाददाता, गया:- अवैध धनराशि की मांग के गंभीर आरोप में खिजरसराय थाना के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता सहायक अवर निरीक्षक (सअनि) तेजनारायण चौबे को पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गया विकास वैभव ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

जानकारी के अनुसार, 21 मई 2026 को खिजरसराय थाना क्षेत्र के सरैया बिगहा निवासी नागा यादव ने पुलिस महानिरीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि खिजरसराय थाना कांड संख्या 181/2026 के अनुसंधानकर्ता तेजनारायण चौबे ने उन्हें कांड में नाम नहीं आने देने के बदले भय और दबाव बनाकर अवैध धनराशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई थी।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रकरण को अंचल पुलिस निरीक्षक, खिजरसराय को सौंपा गया। जांच के दौरान उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग, साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज सअनि तेजनारायण चौबे की प्रतीत होती है तथा बातचीत का आशय कांड में नाम नहीं आने देने के एवज में धनराशि की मांग से संबंधित है।

जांच में प्रथम दृष्टया यह भी सामने आया कि अनुसंधानकर्ता ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विवेचना को प्रभावित करने और अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अवैध धनराशि की मांग की। पुलिस विभाग ने इसे गंभीर कदाचार माना है, जो पुलिस संगठन की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनविश्वास के प्रतिकूल है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने सअनि तेजनारायण चौबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि मगध क्षेत्र की पुलिस में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के विरुद्ध सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।