
फतेहपुर (गया)। फतेहपुर प्रखंड की मोरहे पंचायत में मनरेगा योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। पंचायत के निवासी रविरंजन कुमार ने जिला पदाधिकारी गया को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत के रातोकला स्थित तेलिनवा आहर के नाम पर एक ही स्थल को अलग-अलग नाम देकर कई योजनाएं संचालित की गईं और सरकारी राशि की निकासी कर ली गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, तेलिनवा आहर पर पूर्वी एवं पश्चिमी भाग में प्लांटेशन कार्य के नाम पर अलग-अलग योजनाएं दिखाई गई हैं, जबकि कार्यस्थल एक ही है।
आरोप है कि निम्नलिखित योजनाओं के माध्यम से राशि की निकासी की गई है— ग्राम डुमरी में तेलिनवा आहर के पूर्वी भाग पर प्लांटेशन। ग्राम डुमरी में तेलिनवा आहर के पश्चिमी भाग पर प्लांटेशन। ग्राम मायापुर में तेलिनवा आहर के पूर्वी भाग पर प्लांटेशन। ग्राम मायापुर में तेलिनवा आहर के पश्चिमी भाग पर प्लांटेशन।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मोरहे के मध्य विद्यालय परिसर में वर्ष 2022-23 में पेवर ब्लॉक का निर्माण कराया गया था। बाद में उसी निर्माण को उखाड़कर उसी स्थल पर पुनः नई योजना स्वीकृत कर राशि की निकासी कर ली गई। इसके अलावा पहले से लगे पेड़ों को काटकर उसी स्थान पर खेल मैदान निर्माण का कार्य दिखाया गया और योजना की राशि निकाल ली गई। रविरंजन कुमार का कहना है कि यह पूरा मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और मनरेगा योजनाओं में व्यापक अनियमितता का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में मनरेगा कार्यालय फतेहपुर को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता ने जिला पदाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।













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