गया में घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, प्रशासन की कड़ी निगरानी—अनियमितता पर सख्त कार्रवाई

जिले में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर उत्पन्न हो रही आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गया में गैस की कोई कमी नहीं है। समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) सह वरीय पदाधिकारी, आपूर्ति शाखा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
इस प्रेस वार्ता में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के अलावा इंडियन ऑयल (IOCL), भारत गैस (BPCL) और एचपी गैस (HPCL) कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

जिले में गैस की उपलब्धता पर्याप्त

अधिकारियों ने बताया कि गया जिले में तीनों प्रमुख कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं।
इंडेन (IOCL) के 31 वितरकों के पास कुल 2,78,048 सिलेंडर
भारत गैस (BPCL) के 25 वितरकों के पास 4,08,976 सिलेंडर
एचपी गैस (HPCL) के 16 वितरकों के पास 1,40,801 सिलेंडर
इस प्रकार जिले में कुल मिलाकर लाखों की संख्या में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिससे किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।


वितरण में तेजी, रोजाना हो रही आपूर्ति
प्रशासन के अनुसार 15 मार्च से 05 अप्रैल 2026 के बीच जिले में 2,40,904 घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
IOCL द्वारा 94,915 सिलेंडर
भारत गैस द्वारा 1,13,807 सिलेंडर
HP गैस द्वारा 32,182 सिलेंडर
इसके अलावा प्रतिदिन औसतन 12,987 गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि आपूर्ति श्रृंखला सक्रिय और व्यवस्थित है।


निगरानी और छापेमारी तेज

प्रशासन ने गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सख्ती बढ़ा दी है।सभी गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित जांच की जा रही है।प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा औचक छापेमारी की जा रही है
गैस गोदामों पर आवश्यकतानुसार दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।इसके साथ ही प्रत्येक अनुमंडल में “धावा दल” का गठन किया गया है, जो अनियमितताओं पर तुरंत कार्रवाई करेगा।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर गैस बेचने, जमाखोरी, कालाबाजारी या घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग जैसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
04 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण मामले में नारायणी इंडेन एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत मिली थी कि उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी का मैसेज भेजने के बावजूद सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई।
होम डिलीवरी को लेकर सख्त निर्देश
सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि:
ऑनलाइन बुकिंग के बाद समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करें
किसी भी स्थिति में गोदाम से सीधे गैस वितरण न करें
उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखें
शिकायतों का त्वरित समाधान

जिला प्रशासन द्वारा 24×7 नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है। अब तक कुल 1,697 शिकायतें प्राप्त हुई हैं और सभी का समाधान कर दिया गया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं:
कॉमन इमरजेंसी हेल्पलाइन: 1906
IOCL: 1800-2333-555
BPCL: 1800-224344
HPCL: 1800-2333-555
जिला नियंत्रण कक्ष: 0631-2222253
PNG कनेक्शन में भी प्रगति
जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार पर भी कार्य जारी है
कुल 4,619 आवेदन प्राप्त हुए
3,683 आवेदनों को स्वीकृति देकर पाइपलाइन बिछाई गई
1,985 घरों में गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है
शेष 936 कनेक्शन पर कार्य प्रगति पर है
प्रशासन की अपील
अपर जिला दंडाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं गैस की कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली या आपूर्ति में गड़बड़ी की शिकायत हो तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर या जिला नियंत्रण कक्ष पर सूचना दें।प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।