
खिजरसराय, संवाददाता दीपक सिंह :- केंद्रीय भाजपा सरकार की कथित कॉरपोरेट परस्त नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, गलत शिक्षा नीति, सांप्रदायिक विभाजनकारी रवैये और गरीब, किसान एवं महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने राष्ट्रव्यापी पदयात्रा शुरू की। इस दौरान आगामी एक सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान भी किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत बिहटा के मांझी टोला से भाकपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जानकी पासवान के नेतृत्व में पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। पदयात्रा बिहटा से निकलकर नौगढ़, कोडिहरा, शेखविगहा, सतामस, गोनरडीह होते हुए पीरविगहा पहुंची। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के बारे में जानकारी दी और लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
जानकी पासवान ने कहा कि देश के सभी राज्यों के साथ बिहार के 38 जिलों में भी पदयात्रा का कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकार की नई सैटेलाइट टाउनशिप योजना के नाम पर गरीब किसानों और मजदूरों की जमीन छीनकर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं, जिसके कारण गरीब और मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं। बिहार उद्योगविहीन होता जा रहा है और फुटपाथ पर कारोबार कर जीवन-यापन करने वाले छोटे दुकानदारों को भी उजाड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से सरकार के समक्ष नौ सूत्री मांगें रखी जा रही हैं। इनमें पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने, कॉरपोरेट परस्त नीतियों को वापस लेने, छात्रों, युवाओं और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने, शोषण एवं सामाजिक अत्याचार पर रोक लगाने, भूमि सुधार के अधूरे कार्यों को पूरा करने, बाढ़ और सूखे का स्थायी समाधान करने तथा हत्या, अपराध और महिला हिंसा पर प्रभावी रोक लगाने की मांग शामिल है।
पदयात्रा में सोहन मांझी, रामबालक जमादार, राजेंद्र दास, आदर्श कुमार, केशरी दास सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।










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