इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘पिच डेक प्रिपरेशन’ पर कार्यशाला, स्टार्टअप आइडिया को निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से रखने के दिए गए गुर

संवाददाता, खिजरसराय दीपक सिंह:- गया अभियांत्रण महाविद्यालय (GCE), गया के स्टार्टअप सेल के तत्वावधान में बुधवार को महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘पिच डेक प्रिपरेशन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रभावी पिच डेक तैयार करने, निवेशकों के समक्ष अपने व्यावसायिक विचारों को आकर्षक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने तथा उनमें उद्यमिता के प्रति रुचि विकसित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. लवकुश गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में नवाचार और उद्यमिता युवाओं के लिए बेहतर अवसर लेकर आए हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के विचारों को व्यावसायिक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. दीपिका आर. गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, रणनीति एवं उद्यमिता विभाग, भारतीय प्रबंधन संस्थान बोधगया ने प्रभावी पिच डेक तैयार करने की तकनीक पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्टोरीटेलिंग, बिजनेस मॉडल, बाजार विश्लेषण, ट्रैक्शन, ग्रोथ प्लान तथा निवेशकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण की रणनीतियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। साथ ही विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत करने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।

इस अवसर पर जिला स्टार्टअप समन्वयक सुशांत कुमार ने डिजिटल भुगतान प्रणाली, पेमेंट गेटवे और स्टार्टअप्स के लिए आधुनिक वित्तीय समाधानों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से Razorpay जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बिहार स्टार्टअप नीति के तहत उपलब्ध योजनाओं, प्रोत्साहनों एवं सुविधाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. द्वारका दास नीमा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। अपने संदेश में प्राचार्य ने कहा कि नवाचार आधारित सोच और उद्यमिता की भावना ही आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्टार्टअप गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अभिनव विचारों को सफल उद्यम के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और स्टार्टअप से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियां प्राप्त कीं। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।