
गुरुवार की सुबह टनकुप्पा प्रखंड क्षेत्र के भेटौरा गांव में वज्रपात की एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। रोज की तरह मवेशी चराने निकले 60 वर्षीय चन्देशर यादव को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी। अचानक बदले मौसम ने कुछ ही पल में परिवार की खुशियां छीन लीं।
जानकारी के अनुसार चन्देशर यादव गांव से बाहर बधार में मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। भीगने से बचने के लिए वह पास में स्थित एक खजूर के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। उसी समय तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर आ गिरी। वज्रपात की चपेट में आने से चन्देशर यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद 55 वर्षीय एक महिला लक्ष्मीनियां देवी भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण दौड़ पड़े। आनन-फानन में दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने चन्देशर यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल महिला का उपचार किया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी गई।
मृत्यु की खबर जैसे ही गांव पहुंची, चन्देशर यादव के घर में कोहराम मच गया। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी भावुक हो उठे। पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों व खुले स्थानों पर रहने से हमेशा खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से मृतक के आश्रितों को आपदा राहत योजना के तहत शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही मौसम खराब होने पर खेतों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील भी की गई, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।













Leave a Reply