
नवादा। बिहार में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान नवादा जिले में शराब कारोबारियों और उनके समर्थकों का दुस्साहस सामने आया है। काशीचक थाना क्षेत्र के वीरनामा गांव स्थित मुसहरी टोला में छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। ईंट-पत्थरों की बौछार में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
बताया जाता है कि गुरुवार शाम पुलिस को इलाके में अवैध शराब निर्माण और बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर काशीचक थाना की टीम मुसहरी टोला में छापेमारी करने पहुंची। पुलिस टीम गांव में प्रवेश कर ही रही थी कि पहले से जुटे लोगों ने अचानक हमला बोल दिया। देखते ही देखते घरों की छतों और गलियों से पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
हमले में एसआई दीप सिन्हा, कुणाल कुमार और बालेश्वर दास समेत दो सिपाही व एक चौकीदार घायल हो गए। गंभीर रूप से जख्मी पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए रातभर अभियान चलाया और 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में टोटो मांझी, बिजली मांझी, प्रमोद मांझी, जितेंद्र मांझी समेत कई महिलाएं शामिल हैं। एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार कई आरोपी पहले भी अवैध शराब कारोबार के मामलों में जेल जा चुके हैं।
काशीचक थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि मामले में 15 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद वीरनामा गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। नवादा पुलिस ने साफ कहा है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान हर हाल में जारी रहेगा और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।











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