सब्जी विक्रेता के बेटे लेफ्टिनेंट कुलदीप को मिला ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’ और सिल्वर मेडल

गयाजी। अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद कई युवा अधिकारियों की प्रेरणादायक कहानियां सामने आईं। इन्हीं में एक नाम लेफ्टिनेंट कुलदीप का है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले लेफ्टिनेंट कुलदीप को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित स्वोर्ड ऑफ ऑनर और सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।
लेफ्टिनेंट कुलदीप साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता संतोष कुमार बाड़मेर में सब्जी की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। आर्थिक रूप से सामान्य परिवार से होने के बावजूद कुलदीप ने अपने सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया और लगातार मेहनत करते हुए सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य हासिल किया। खास बात यह है कि उनके परिवार में उनसे पहले कोई भी सदस्य सेना में नहीं रहा, फिर भी उन्होंने अपने दम पर यह मुकाम हासिल किया।
कुलदीप ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से की। वहीं पढ़ाई के दौरान उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा मिली और उन्होंने उसी लक्ष्य को अपना सपना बना लिया। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और अंततः भारतीय सेना में अधिकारी बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
पासिंग आउट परेड के बाद बातचीत में लेफ्टिनेंट कुलदीप ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और गुरुओं को दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में अगर कोई लक्ष्य तय कर लिया जाए और उसे पूरी लगन और ईमानदारी से किया जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।
उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि जो भी काम करें, उसे पूरे दिल और समर्पण के साथ करें। मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ने पर सफलता निश्चित रूप से मिलती है।