खुले बोरवेल मामले में संवेदक पर एफआई पीएचईडी के जेई ने दिया आवेदन

फतेहपुर। गुरपा थाना क्षेत्र के रंगूनगर गांव में खुले बोरवेल में मासूम पियूष के गिरने की घटना के बाद पीएचईडी विभाग ने संबंधित संवेदक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। फतेहपुर प्रखंड में पदस्थापित पीएचईडी के कनीय अभियंता शारदा सुमन ने गुरपा थाना में आवेदन देकर संवेदक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

थाना को दिए आवेदन में कनीय अभियंता ने बताया है कि कठौतिया केवाल पंचायत के वार्ड संख्या-8 अंतर्गत रंगूनगर में नल-जल योजना के तहत करीब 300 फीट गहरी बोरिंग कराई गई थी। बोरिंग में पानी नहीं मिलने के कारण इसे असफल घोषित कर दिया गया था। संबंधित संवेदक मेसर्स मनोज कुमार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को कई बार असफल बोरवेल को मिट्टी से भरने का निर्देश दिया गया। लेकिन उसने इसका पालन नहीं किया।

आवेदन के अनुसार 16 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे खेलते समय दिनेश मांझी का पुत्र पियूष कुमार खुले पड़े उसी बोरवेल में गिर गया। घटना के बाद एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से करीब सात घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया और रात करीब 1:50 बजे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की। जिसके बाद इलाज कर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।

कनीय अभियंता ने आवेदन में संवेदक की लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण बताते हुए उसके खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र के अन्य अनुपयोगी बोरवेलों को भी चिह्नित कर उन्हें भरने की प्रक्रिया शुरू करा दी है।