
नीमचक बथानी प्रखंड की नैली पंचायत में शनिवार को पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति (वीएलसीपीसी) की मासिक बैठक का आयोजन पंचायत भवन में मुखिया निर्भय पासवान की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम, मानव तस्करी पर अंकुश तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सेंटर डायरेक्ट के प्रखंड समन्वयक गौतम कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बाल श्रम, बाल विवाह, बाल दुर्व्यवहार, मानव तस्करी तथा अनाथ एवं सामाजिक कुरीतियों से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया। साथ ही विद्यालय से बाहर (ड्रॉपआउट एवं अनामांकित) बच्चों का चिन्हांकन कर उनका नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों, शिक्षकों एवं समुदाय की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में सरपंच राजेश पासवान, वार्ड सदस्य रूपम कुमारी, अमृता कुमारी, पांच रजक, दिलसाद प्रवीण एवं तमन्ना प्रवीण, आंगनबाड़ी सेविकाएं अंजलि, उषा कुमारी एवं कंचन कुमारी, जीविका की सीएम बबिता कुमारी एवं पूजा कुमारी, विद्यालय की शिक्षिका शिखा मैडम तथा बाल संसद के सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने बाल श्रम, बाल विवाह एवं मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा इन कुप्रथाओं की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। साथ ही नैली पंचायत को बाल हितैषी पंचायत के रूप में विकसित करने का सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
इस अवसर पर 18 जुलाई से 25 जुलाई तक चल रहे राज्यव्यापी बाल संरक्षण जागरूकता अभियान की जानकारी भी दी गई तथा पंचायतवासियों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि बच्चों के हितों की रक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए पंचायत स्तर पर नियमित रूप से निगरानी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।












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