आईजी विकास वैभव की बड़ी कार्रवाई, आदेश की अवहेलना और लापरवाही पर गिरी गाज।

गया। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने प्राथमिकी दर्ज करने में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में गया महिला थाना की थानाध्यक्ष पु.अ.नि. खुशबू कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है तथा उन्हें सामान्य जीवन-यापन भत्ता मिलेगा।
मामला केपी रोड निवासी मनीषा कुमारी की शिकायत से जुड़ा है। पीड़िता ने 22 जून 2026 को आईजी कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकाल दिए जाने के बावजूद महिला थाना में उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला थानाध्यक्ष ससुराल पक्ष से प्रभावित हैं और इसी कारण एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर रही हैं।
आवेदन के अनुसार, पीड़िता ने 21 अप्रैल 2026 से कई बार महिला थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध किया। बाद में 4 मई 2026 को नगर पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की, लेकिन उन्हें जमशेदपुर में मामला दर्ज कराने की सलाह दी गई।
शिकायत मिलने के बाद आईजी विकास वैभव ने महिला थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया था कि गया महिला थाना में ही प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, क्योंकि पीड़िता ने प्रताड़ना के भय से जमशेदपुर जाने में असमर्थता जताई थी। इसके बावजूद महिला थाना में नियमित प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और बाद में केवल जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जमशेदपुर के मानगो थाना भेज दिया गया।
आईजी ने अपने आदेश में कहा है कि यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के रूपाली देवी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में दिए गए निर्देशों के भी विपरीत है, जिसमें महिला प्रताड़ना के मामलों में पीड़िता के लिए सुविधाजनक स्थान पर प्राथमिकी दर्ज करने का प्रावधान स्पष्ट किया गया है।
आईजी ने माना कि थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और मनमाना रवैया अपनाया। इन्हीं आरोपों के आधार पर खुशबू कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।












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