
82 एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल और एक्सयूवी-500 कार बरामद; ठगी की रकम अब तक नहीं मिली, गिरोह में दो दर्जन से अधिक सदस्यों के शामिल होने की आशंका।
पटना/गया। एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पटना की श्रीकृष्णापुरी थाने की पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में दो गया जिले के सिविल लाइंस इलाके के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा फतेहपुर का निवासी है। आरोपितों के पास से 82 एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एक एक्सयूवी-500 कार बरामद की गई है। हालांकि, पुलिस ने अब तक ठगी की रकम बरामद नहीं की है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग लोगों के बैंक खातों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुधाकर उर्फ प्रियांश, प्रशांत कुमार और राकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने सुधाकर उर्फ प्रियांश को गिरोह का सरगना बताया है। उसके खिलाफ 17 मामले दर्ज हैं, जबकि प्रशांत कुमार और राकेश कुमार के खिलाफ दो-दो मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
सुरक्षा गार्ड रहित एटीएम को बनाते थे निशाना।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य उन एटीएम केंद्रों को निशाना बनाते थे, जहां सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं रहते थे। आरोपित एटीएम मशीन में चिपकने वाली सामग्री लगाकर ग्राहक का कार्ड फंसा देते थे। इसके बाद मदद करने के बहाने ग्राहक के आसपास खड़े होकर उसका पिन देख लेते थे।
कार्ड फंसने पर आरोपित ग्राहक को अलग-अलग तरीके बताकर एटीएम केंद्र से बाहर भेज देते थे। कई बार मदद करने के बहाने ग्राहक का कार्ड अपने पास मौजूद दूसरे कार्ड से बदल लेते थे। पिन की जानकारी पहले से होने के कारण वे बाद में आसानी से बैंक खाते से रुपये निकाल लेते थे।
एसपी के रिश्तेदार को भी बनाया था शिकार।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में तैनात एक एसपी के रिश्तेदार के साथ भी एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की, जिसके बाद आरोपितों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पटना के श्रीकृष्णापुरी, पाटलिपुत्र, कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी समेत कई थाना क्षेत्रों में गिरोह द्वारा वारदात किए जाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा गया, नवादा और सीतामढ़ी में भी गिरोह के सदस्यों ने लोगों को निशाना बनाया। झारखंड के रांची, जमशेदपुर और सिंहभूम में भी इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी पुलिस को मिली है। विभिन्न एटीएम केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से आरोपितों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली।
ठगी के पैसों से खरीदी महंगी कार।
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर प्रतिदिन दो से तीन लाख रुपये तक की निकासी करते थे। ठगी से मिले पैसों से महंगी कार खरीदने और बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, अब तक ठगी की रकम बरामद नहीं की गई है। पुलिस आरोपितों के बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
गिरोह में दो दर्जन से अधिक सदस्यों के सक्रिय होने की आशंका।
सिटी एसपी चंद्रप्रकाश के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान गिरोह के कई अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क में दो दर्जन से अधिक लोगों के सक्रिय होने की जानकारी मिली है। गिरोह के कुछ सदस्य नए लोगों को एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने का तरीका सिखाते थे और फिर उन्हें अलग-अलग इलाकों में वारदात करने के लिए भेजते थे।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और कुल कितनी रकम की अवैध निकासी की गई है।










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