
फतेहपुर (गया)। प्रखंड क्षेत्र के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर बिहार शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति द्वारा राम सहाय उच्च विद्यालय, फतेहपुर के प्रांगण में एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता सुरेश कुमार (बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ) एवं यदुनंदन प्रसाद (शिक्षक संघ, फतेहपुर) ने की। बैठक शाम 5:00 बजे शुरू हुई और देर शाम तक चली, जिसमें प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया।
बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष मंडल ने शिक्षकों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र पहल नहीं करता है, तो शिक्षक चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।बैठक के दौरान शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को क्रमवार रखा। सबसे प्रमुख मुद्दा शिक्षकों के प्रमोशन का रहा, जो वर्षों से लंबित है। इसके अलावा सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) के संधारण में भारी अनियमितता, पुराने शिक्षकों के वेतन निर्धारण में त्रुटियां, विशिष्ट शिक्षकों के एरियर भुगतान में अत्यधिक विलंब तथा कई मामलों में अब तक एरियर का पूर्ण भुगतान नहीं होना गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
बैठक के दौरान शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को क्रमवार रखा। सबसे प्रमुख मुद्दा शिक्षकों के प्रमोशन का रहा, जो वर्षों से लंबित है। इसके अलावा सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) के संधारण में भारी अनियमितता, पुराने शिक्षकों के वेतन निर्धारण में त्रुटियां, विशिष्ट शिक्षकों के एरियर भुगतान में अत्यधिक विलंब तथा कई मामलों में अब तक एरियर का पूर्ण भुगतान नहीं होना गंभीर चिंता का विषय बताया गया।प्रधान शिक्षक (एच.टी.) के वेतन निर्धारण और बकाया एरियर भुगतान का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। शिक्षकों ने बताया कि जिला स्तर से संबंधित पत्र निर्गत होने के बावजूद प्रखंड स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि सर्विस बुक के नाम पर शिक्षकों का अनावश्यक उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों के साथ इस प्रकार का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
प्रधान शिक्षक (एच.टी.) के वेतन निर्धारण और बकाया एरियर भुगतान का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। शिक्षकों ने बताया कि जिला स्तर से संबंधित पत्र निर्गत होने के बावजूद प्रखंड स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि सर्विस बुक के नाम पर शिक्षकों का अनावश्यक उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों के साथ इस प्रकार का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
सभा में मौजूद शिक्षकों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित मामलों—विशेषकर प्रमोशन, वेतन निर्धारण और एरियर भुगतान—का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठी।
बैठक में लाडले हसन, पंकज कुमार सुमन, राजीव कुमार, अरविंद कुमार, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, प्रेम प्रकाश भारती, आर्या शर्मा, रंजू सिन्हा, शोभा कुमारी, वासुदेव निराला, जितेंद्र कुमार सिंह, विनोद कुमार, बृजनंदन यादव, देवेंद्र कुमार, राजू चौहान, मंजर आलम, मुकेश कुमार, मुन्ना कुमार, चंद्रदीप रविदास, राकेश कुमार, अमृतलाल तिवारी, दीपक कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।अंत में अध्यक्ष सुरेश कुमार एवं यदुनंदन प्रसाद ने संयुक्त रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो संगठन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अंत में अध्यक्ष सुरेश कुमार एवं यदुनंदन प्रसाद ने संयुक्त रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो संगठन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।












Leave a Reply