
लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ का समापन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। खिजरसराय प्रखंड के केनी घाट, सरबहदा, अईमा रौनिया सहित विभिन्न घाटों पर हजारों की संख्या में छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की।
केनी घाट पर इस वर्ष विधि-व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की गई। घाट तक पहुँचने के लिए बेहतर व्यवस्था होने से व्रतियों को पूजा करने में सुविधा हुई। प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की सक्रियता के कारण भारी भीड़ के बावजूद यातायात सुचारु रहा और कहीं जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे व्रती बिना किसी असुविधा के जल में उतरकर अर्घ्य दे सके। साथ ही घाट पर स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय लोगों और पूजा समिति के समन्वय से पूरा आयोजन अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ।
सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ ही घाट “छठी मैया की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। व्रतियों ने श्रद्धापूर्वक दूध और जल से अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्थानीय निवासियों ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन और पुलिस बल की सराहना की। बिना किसी अप्रिय घटना के महापर्व का संपन्न होना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा












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