बदलेगी गयाजी की सूरत, 572 करोड़ के बजट को नगर निगम बोर्ड की मंजूरी

गयाजी। गया नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 572 करोड़ 18 लाख 68 हजार 305 रुपये के बजट को बोर्ड की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। शनिवार को नगर निगम सभागार में मेयर वीरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बजट प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई और सदस्यों ने मेज थपथपा कर इसे पारित किया।
बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, मनोज कुमार, पार्षद रणधीर कुमार गौतम, दीपक चंद्रवंशी, सारिका वर्मा, अनुपमा मंडल, सोनी देवी, अंजली कुमारी, शिला देवी और कलाम कुरैशी सहित कई वार्ड पार्षद मौजूद रहे।
मेयर गणेश पासवान ने सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पढ़कर सुनाया और सदस्यों से सुझाव भी लिए। उन्होंने बताया कि शहर के समग्र विकास और गयाजी की सूरत बदलने के लिए करीब 5 अरब 72 करोड़ रुपये का विकासोन्मुखी बजट तैयार किया गया है। यह बजट “न लाभ, न हानि” के सिद्धांत पर आधारित है।
मेयर ने कहा कि बिहार की धार्मिक राजधानी गयाजी को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के उद्देश्य से बजट में बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं पर विशेष फोकस किया गया है। शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी कई योजनाएं शामिल की गई हैं। साफ-सफाई के साथ प्रदूषण नियंत्रण के लिए शहर में स्मॉग टॉवर लगाने की योजना भी प्रस्तावित है।
बजट पर चर्चा के दौरान सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि मोक्षभूमि गयाजी के विकास को नई गति देने के लिए इस बार बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं। 15वें और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल-जीवन-हरियाली मिशन और 12वीं अनुसूची के अंतर्गत चिन्हित विषयों पर बड़े पैमाने पर खर्च किया जाएगा।
प्रस्तावित बजट में शहर की बड़ी और छोटी सड़कों तथा नालों का निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाना, ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण और नालों की नियमित सफाई को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट के निस्तारण, लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना और उसके संचालन व रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के गोलंबरों का सौंदर्यीकरण, फाउंटेन और स्क्वायर डेवलपमेंट, ग्रीन एरिया विकसित करना, सर्विलांस सिस्टम लगाना तथा स्मॉग टॉवर के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण की योजना भी बजट में शामिल है। इसके अलावा सम्राट अशोक भवन के द्वितीय तल्ले का निर्माण, गांधी स्मारक का जीर्णोद्धार और प्रमुख सड़कों पर बस पड़ाव का निर्माण भी प्रस्तावित है।
सामाजिक और रोजगारोन्मुख योजनाओं के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के माध्यम से कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर जैसे प्रशिक्षण देकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही वृद्धा आश्रम का संचालन, सभी वार्डों में विशेषकर स्लम क्षेत्रों में सामुदायिक भवन का निर्माण, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना तथा आवास योजनाओं के तहत नए घरों के निर्माण को भी बजट में शामिल किया गया है।