फतेहपुर प्रखंड में प्रमुख व उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 14 सदस्यों ने विशेष बैठक की उठाई मांग

फतेहपुर (गया), 24 फरवरी 2026: फतेहपुर प्रखंड की पंचायत राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब 14 निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों ने प्रमुख एवं उप प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए विशेष बैठक बुलाने की औपचारिक मांग कर दी। इस संबंध में दिनांक 21 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन कार्यपालक पदाधिकारी (पंचायत समिति)-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया है।

नियमित बैठक नहीं कराने का आरोप

सदस्यों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि प्रमुख एवं उप प्रमुख द्वारा पंचायत समिति की नियमित बैठकें आयोजित नहीं की गईं। उनका कहना है कि दो माह में कम से कम एक बार बैठक आयोजित करना अनिवार्य है, किंतु इस प्रावधान की अनदेखी की गई। इसे बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 46 का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बैठक बुलाने से संबंधित धारा 46(2), 46(3), 46(4) एवं 46(5) के प्रावधानों—जैसे तिथि निर्धारण, समय की सूचना, एजेंडा जारी करना और सदस्यों को नियमानुसार सूचना देना—का भी पालन नहीं किया गया। सदस्यों का आरोप है कि प्रमुख एवं उप प्रमुख द्वारा न तो समय पर सूचना दी गई और न ही नियमों के अनुरूप कार्यवाही की गई।
योजनाओं के चयन में मनमानी का आरोप

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों ने षष्ठम राज्य वित्त आयोग एवं पंद्रहवीं वित्त आयोग की योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि योजनाओं का चयन मनमाने ढंग से किया गया, कार्यों का बंटवारा पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ तथा पंचायत समिति को अपेक्षाकृत कम राशि आवंटित की गई। इसे अधिकारों के दुरुपयोग और पंचायत समिति के सामूहिक निर्णय की अवहेलना बताया गया है।

सदस्यों ने यह भी कहा है कि प्रमुख एवं उप प्रमुख अपने दायित्वों का निर्वहन संतोषजनक तरीके से नहीं कर पाए हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और पंचायत समिति की कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

तिथि निर्धारण में देरी पर सवाल

कार्यालय पत्रांक-204, दिनांक 21 फरवरी 2026 के माध्यम से प्रखंड प्रमुख को अविश्वास प्रस्ताव पर विचार करने हेतु विशेष बैठक की तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया गया था। किंतु 24 फरवरी 2026 तक तिथि निर्धारित नहीं किए जाने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह भी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब है।

अब प्रखंड उप प्रमुख से अनुरोध किया गया है कि बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 44(3) के तहत लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विचार करने के लिए नियमानुसार विशेष बैठक की तिथि शीघ्र निर्धारित कर अधोहस्ताक्षरी को सूचित किया जाए।

प्रखंड की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी

इस घटनाक्रम के बाद प्रखंड की पंचायत राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। यदि विशेष बैठक आयोजित होती है तो प्रमुख एवं उप प्रमुख के पद पर बने रहने या हटने का फैसला बहुमत के आधार पर होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत समिति सदस्यों और ग्रामीणों की निगाहें अब विशेष बैठक की तिथि पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ने पर फतेहपुर प्रखंड की राजनीति में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।