
गया/बेलागंज: बिहार सरकार के “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” के दावों को गया जिले के बेलागंज प्रखंड में खुलेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है। यहाँ आपूर्ति विभाग के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) और आईटी मैनेजर की मिलीभगत से सरकारी अनाज की लूट का एक ऐसा “भूतिया खेल” चल रहा है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
मशीन संख्या 123800100114: भ्रष्टाचार की ‘प्रयोगशाला’
बेलागंज प्रखंड की जनवितरण प्रणाली (PDS) विक्रेता कमला देवी (मशीन संख्या 123800100114) के यहाँ से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक: कुछ ऐसे लोग जिनकी मृत्यु 6-12 माह पहले हो चुकी है, एवं कुछ ऐसे लोग जो बिहार से बाहर में रह रहे हैं, उनके अंगूठा सत्यापन से भी अनाज निकल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक:- प्रखंड के विभिन्न पंचायत के ऐसे सैकड़ो लोग दिनांक 31/12/25 और 02/01/26 को एक ही डीलर कमला देवी के यहाँ रात मे आकर डीलर के pos मशीन पर अपना अंगूठा लगा कर अनाज का उठाव किये यह केवल उन अंत्योदय कार्डों से राशन निकाला गया जिनके धारक या तो मृत हैं या सालों से बिहार के बाहर प्रवास कर रहे हैं।
अनाज निकासी का ब्यौरा

अचानक ‘एक्टिव’ हुए कार्ड: 03/01/26 को अचानक 100-250 ऐसे PHH और अंत्योदय कार्ड से अनाज का उठाव कर लिया गया, जो पिछले एक साल से बंद पड़े थे या मर जाने या बाहर रहने के कारण अनाज का उठाव नहीं कर रहे थे। ये कार्ड बेलागंज की अलग-अलग पंचायतों के विभिन्न गाँवों के गरीब परिवारों के हैं।
अधिकारियों का ‘कमीशन’ और डीलरों पर ‘दबाव’
हैरानी की बात यह है कि डीलर द्वारा तीन दिनों में कुल 215 कार्डों का वितरण दिखाया गया, जिनमें से मात्र 6 कार्ड ही उनके अपने क्षेत्र के हैं। बाकी सभी कार्ड बाहरी पंचायतों के हैं।
सूत्रों का कहना है कि बेलागंज MO द्वारा कमजोर तबके के डीलरों को ₹500 प्रति क्विंटल का लालच दिया जाता है। अधिकारियों के खौफ और दबाव के कारण डीलर कुछ बोल नहीं पाते। इस पूरी साजिश के तहत बाहरी व्यक्ति मशीन पर आकर फर्जी तरीके से अंगूठा लगाकर या सर्वर में हेरफेर कर लाखों का राशन डकार रहे हैं।
सच भारत न्यूज़ की पड़ताल: हरकत में प्रशासन
जब इस गंभीर खाद्यान्न घोटाले की जानकारी सच भारत न्यूज़ के संवाददाता ने सदर एसडीओ (SDO) अनिल कुमार रमन को दी, तो प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया।
“मामला संज्ञान में आया है। यह अत्यंत गंभीर विषय है कि मृत या बाहरी लोगों के नाम पर राशन का उठाव किया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी और इसमें संलिप्त विभाग के अधिकारियों या डीलरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
— अनिल कुमार रमन, सदर एसडीओ, गयाबड़े सवाल जो प्रशासन के सामने हैं:
- ऐसे मृत आखिर रात के अँधेरे मे ही अनाज उठाने क्यों आते है?
- ऐसे सभी मृत लाभुक किसी एक डीलर के यहाँ से ही उठाव क्यों कर रहे है?
- आखिर मृत्यु हो चुके लोग ‘ऊपर’ से आकर ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर अपना बायोमेट्रिक कैसे दे रहे हैं?
- एक साल से बंद पड़े कार्डों का एक ही दिन में सामूहिक उठाव कैसे संभव हुआ?
- एनआईसी (NIC) विभाग और आपूर्ति विभाग की निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
अब देखना यह है कि एसडीओ की इस चेतावनी के बाद गया जिला प्रशासन इस सिंडिकेट को तोड़ पाता है या फिर गरीबों का निवाला इसी तरह अधिकारियों की जेबों में जाता रहेगा। अन्य प्रखंड मे भी ऐसा भूतिया खेल हुआ है जिसका पड़ताल जारी है…












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