
गया जिले में अफीम व्यवसायियों और माफियाओं के खिलाफ गया पुलिस का विशेष अभियान “ऑपरेश क्लीन” जोर-शोर से जारी है। जिले के नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती, बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस उप-महानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक, गया के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इमामगंज के नेतृत्व में छकरबंधा थाना पुलिस, उत्पाद विभाग, वन विभाग, डुमरिया अंचल के अधिकारी, सीआरपीएफ और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 04 जनवरी 2026 से छकरबंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरेहट और कोकणा के घने जंगलों में विशेष सर्च अभियान “ऑपरेशन क्लीन” शुरू किया।
इस अभियान के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती की पहचान कर उसे नष्ट किया जा रहा है। अब तक अभियान के दौरान कुल 29.76 एकड़ अफीम की खेती को विनष्ट किया गया है। टीम ने 10 जनवरी 2026 को 08.37 एकड़ क्षेत्र में लगी अफीम की फसल को नष्ट कर यह अभियान और सख्त किया।
अफीम विनष्टीकरण का विवरण इस प्रकार है:
04.01.2026: 04.60 एकड़ (छकरबंधा थाना)
05.01.2026: 04.14 एकड़ (छकरबंधा थाना)
06.01.2026: 04.33 एकड़ (छकरबंधा थाना)
08.01.2026: 03.39 एकड़ (छकरबंधा थाना)
09.01.2026: 04.93 एकड़ (छकरबंधा थाना)
10.01.2026: 08.37 एकड़ (छकरबंधा थाना)
इस अभियान के साथ-साथ गया पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान भी चलाया। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों को अफीम की खेती से होने वाले नुकसान और कानून के दायरे में आने वाले गंभीर परिणामों के बारे में जानकारी दी। लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि अफीम की खेती न केवल अवैध है, बल्कि इससे उनके बच्चों और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
गया पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि अभियान लगातार जारी रहेगा। संबंधित थानों में अफीम व्यवसायियों और माफियाओं के खिलाफ कांड दर्ज कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार और वांछित अफीम तस्करों की गिरफ्तारी के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
गया पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं अफीम की खेती या इससे जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी हो, तो वे तुरंत अपने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नजदीकी थाना प्रभारी, नगर पुलिस अधीक्षक या वरीय पुलिस अधीक्षक, गया को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी सूचनाओं की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उसके आधार पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
गया पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति कायम करने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने आम लोगों से सहयोग और जागरूकता बढ़ाने की अपील की है, ताकि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।











Leave a Reply