
भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बोधगया में आज हिंदी कार्यशाला (तृतीय त्रैमासिक) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य संस्थान में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में अधिकाधिक कार्य करने हेतु प्रेरित करना रहा।
संस्थान की माननीय निदेशक प्रो. (डॉ.) विनिता एस. सहाय के मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रोत्साहन से संस्थान में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। निदेशक महोदया द्वारा हिंदी को प्रशासनिक एवं अकादमिक कार्यों में प्रभावी रूप से अपनाने पर विशेष बल दिया गया है, जिससे संस्थान में द्विभाषी कार्यसंस्कृति को मजबूती मिली है।
कार्यक्रम का संचालन राजभाषा प्रभारी श्री रविन्द्र कुमार द्वारा किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुरेश चन्द्र ठाकुर ने संस्थान में हिंदी भाषा के प्रयोग को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया तथा हिंदी में कार्य को गति देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अमरेश कुमार पाण्डेय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से आमंत्रित हिंदी विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राजभाषा अधिनियम, 1963 एवं राजभाषा नियम, 1976 के प्रभावी कार्यान्वयन की विस्तृत जानकारी दी तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर सारगर्भित चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में प्रशासनिक अधिकारी शत्रुधन प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में अधिकाधिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में संस्थान के अधिकारीगण एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिससे उन्हें राजभाषा हिंदी के प्रयोग के प्रति जागरूकता एवं नई प्रेरणा प्राप्त हुई।











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