
गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत मोरहे में स्थित रूबन मल्टी इमरजेंसी अस्पताल में शुक्रवार को प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान तेतरिया गांव निवासी दुलारी देवी के रूप में हुई है। घटना के दूसरे दिन परिजनों ने फतेहपुर थाना में केस दर्ज दर्ज कराया है।
दलालों ने जबरन कराया भर्ती, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों ने बताया कि 26 नवंबर को वे दुलारी देवी को प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान दलालों ने जबरन उसे मोरहे स्थित रूबन अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ और बच्चा का जन्म हो गया।
परिजन बताते हैं कि प्रसव के बाद दुलारी देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने इलाज का आश्वासन देते हुए उसे रोक लिया, लेकिन 28 नवंबर को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल संचालक और डॉक्टर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया।
एक जनप्रतिनिधि ने समझौता कराने का किया प्रयास
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद एक जनप्रतिनिधि ने अस्पताल की ओर से समझौता कराने का प्रयास किया। बताया गया कि अस्पताल द्वारा मुआवजे के रूप में 1 लाख 70 हजार रुपए देने की बात कही गई, जिसके बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए।
हालाँकि शनिवार को परिजनों को पूरा पैसा नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने फतेहपुर थाने में पूरे मामले की शिकायत कर दी।
शव भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए
सूचना मिलते ही फतेहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भेज दिया।
मृतका के पति ने रूबन अस्पताल संचालक,चरोखरी पंचायत के मुखिया के पति- पुत्र पर समझौता कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
फतेहपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष रामकृपाल यादव ने बताया कि आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।











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