पंचायत चुनाव 2026: गांवों में शुरू हुआ चुनावी हलचल, संभावित उम्मीदवारों ने तेज किए संपर्क

विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश की राजनीति अब धीरे-धीरे 2026 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की ओर बढ़ने लगी है। भले ही आधिकारिक घोषणा में अभी समय है, लेकिन गांवों में चुनावी गतिविधियाँ पहले ही तेज हो चुकी हैं। संभावित दावेदार सुबह-शाम मतदाताओं के बीच जाकर समर्थन जुटाने में जुट गए हैं।

त्योहारों के दौरान अपने घर लौटे परदेशियों से मिलकर नेताओं ने उन्हें चुनाव के समय गांव पहुंचने का आग्रह किया। कई जगह संभावित प्रत्याशी ग्रामीणों के घर जाकर हालचाल पूछते और बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते दिखाई दिए। इस कारण गांव की गलियों में रोजाना नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है।

हालांकि कई दावेदार खुलकर चुनावी चर्चा से बचते दिखते हैं, लेकिन उनके समर्थक गांव की बैठकों और नुक्कड़ चर्चाओं में नेताजी की दावेदारी आगे बढ़ाने से नहीं चूकते। कुछ नेता सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हो गए हैं और व्हाट्सएप-फेसबुक के जरिए लोगों तक लगातार संदेश भेज रहे हैं। उनका मानना है कि चुनाव की अधिसूचना आने के बाद प्रचार का समय कम मिलता है, इसलिए अभी से संपर्क बनाना फायदेमंद रहेगा।

गांवों में चर्चा है कि कुछ नेता अभी जनता का मूड समझने में लगे हैं। वे अपने समर्थन को परखने के बाद ही चुनाव लड़ने का अंतिम फैसला लेंगे।

उधर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारी का खाका तैयार होने लगा है। अनुमान है कि दिसंबर या जनवरी से मतदाता सूची को अपडेट करने का काम शुरू होगा। इसके बाद वार्डवार सूची का बिखंडन और मतदान केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही चुनावी कार्यक्रम का रास्ता साफ होगा।

गांवों में बढ़ती चहल-पहल से साफ है कि पंचायत चुनाव भले ही कुछ महीनों बाद हों, लेकिन चुनावी माहौल अभी से गर्माया हुआ है।